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5 OTT Platforms Banned: अश्लील कंटेंट पर सरकार का सख्त एक्शन, बड़ा और निर्णायक फैसला…!

5 OTT Platforms Banned

5 OTT Platforms Banned

Hind18: 5 OTT Platforms Banned — डिजिटल दुनिया में बढ़ते अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट पर लगाम कसते हुए केंद्र सरकार ने पांच ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को देशभर में पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information & Broadcasting) ने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत की है।

सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर वेब सीरीज और फिल्मों के नाम पर ऐसा कंटेंट परोसा जा रहा था,

जिसमें सामाजिक जिम्मेदारी, कहानी या किसी प्रकार का सकारात्मक संदेश नहीं था।

इसके बजाय लंबे और बिना संदर्भ के अश्लील दृश्य दिखाए जा रहे थे,

जो सार्वजनिक शालीनता और भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं।

5 OTT Platforms Banned

इन 5 OTT प्लेटफॉर्म्स पर लगा प्रतिबंध

सरकार द्वारा जिन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है, वे हैं:

सूत्रों के अनुसार, इन ऐप्स और वेबसाइट्स पर अपलोड किए गए वीडियो में अश्लीलता की सीमा पार कर दी गई थी।

कई मामलों में यह भी पाया गया कि कंटेंट का उद्देश्य केवल बोल्ड और उत्तेजक दृश्य दिखाकर सब्सक्रिप्शन बढ़ाना था।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कंटेंट से युवा वर्ग और किशोरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सरकार ने इसी आधार पर सख्त कदम उठाया।

पहले दी गई थी चेतावनी

यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई। सितंबर 2024 में सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर सुधार करने का अवसर दिया था।

उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड का पालन करें और आपत्तिजनक सामग्री हटाएं।

हालांकि, कुछ प्लेटफॉर्म्स ने नोटिस का जवाब ही नहीं दिया, जबकि कुछ ने डोमेन नाम बदलकर या नए ऐप लॉन्च कर वही कंटेंट जारी रखा।

फरवरी 2025 में भी सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को एथिक्स कोड की याद दिलाई गई थी। इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ।

डिजिटल मीडिया से जुड़े नियमों की जानकारी के लिए आप भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.meity.gov.in/ पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।

धारा 69A के तहत कार्रवाई

सरकार ने यह प्रतिबंध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत लगाया है।

यह धारा केंद्र सरकार को यह अधिकार देती है कि वह किसी भी ऐसी ऑनलाइन सामग्री को ब्लॉक कर सकती है,

जो देश की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हो।

इस संबंध में विस्तृत कानूनी प्रावधान https://www.indiacode.nic.in/ पर उपलब्ध हैं।

सरकार का मानना है कि अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट सामाजिक मूल्यों और नैतिकता को प्रभावित करता है, इसलिए इसे रोकना आवश्यक है।

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को सख्त निर्देश

कार्रवाई के तहत सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन पांचों प्लेटफॉर्म्स को तुरंत प्रभाव से ब्लॉक करें।

इसमें जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसे प्रमुख सेवा प्रदाता शामिल हैं।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी भी यूजर के डिवाइस पर ये प्लेटफॉर्म्स एक्सेस होते पाए गए,

संबंधित सेवा प्रदाता की जवाबदेही तय की जाएगी।

डिजिटल रेगुलेशन और सेफ्टी गाइडलाइंस के बारे में अधिक जानकारी के लिए https://www.mib.gov.in/ पर विजिट किया जा सकता है।

विशेषज्ञों से चर्चा के बाद लिया गया फैसला

सूत्रों के मुताबिक, इस बार की कार्रवाई से पहले गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि इस तरह का कंटेंट बच्चों और महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बिना किसी चेतावनी या आयु-सीमा के ऐसे वीडियो उपलब्ध होना समाज के लिए दीर्घकालिक खतरा बन सकता है।

इसी वजह से सरकार ने इसे केवल मनोरंजन का मामला न मानकर सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा विषय माना।

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

इससे पहले जुलाई 2025 में भी कई बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए थे। उस दौरान 25 से अधिक ऐप्स और वेबसाइट्स की जांच की गई थी।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि डिजिटल स्पेस में काम करने वाले सभी प्लेटफॉर्म्स को आईटी नियमों और एथिक्स कोड का पालन करना होगा।

डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में कंटेंट मॉडरेशन और रेगुलेशन को लेकर और भी सख्ती देखने को मिल सकती है।

OTT इंडस्ट्री पर क्या पड़ेगा असर?

5 OTT Platforms Banned के इस फैसले से छोटे और नए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बड़ा असर पड़ सकता है।

अब उन्हें कंटेंट अपलोड करने से पहले कानूनी और नैतिक मानकों की जांच करनी होगी।

मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अधिक जिम्मेदार बनाने की दिशा में उठाया गया है।

इससे पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों के अनुरूप कंटेंट को बढ़ावा मिल सकता है।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से भी जोड़कर देख रहे हैं।

उनका तर्क है कि संतुलन बनाए रखना जरूरी है ताकि रचनात्मक स्वतंत्रता भी बनी रहे और सामाजिक मर्यादा भी कायम रहे।

डिजिटल कंटेंट पर सरकार का कड़ा रुख

5 OTT Platforms Banned की कार्रवाई यह संकेत देती है कि सरकार अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

लगातार नोटिस और चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना है,

ताकि समाज के सभी वर्ग विशेषकर युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

डिजिटल युग में कंटेंट की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है,

लेकिन हालिया फैसले से स्पष्ट है कि नियमों का पालन न करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं है।

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