Chandigarh Fancy Number Plate Auction: 53.88 लाख की रिकॉर्ड बोली – चंडीगढ़ फैंसी नंबर प्लेट नीलामी में बना नया इतिहास…!

Chandigarh Fancy Number Plate Auction

Hind18: Chandigarh Fancy Number Plate Auction इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आमतौर पर लोग लाखों रुपये लगाकर महंगी कारें खरीदते हैं,

लेकिन चंडीगढ़ में हाल ही में हुई एक ई-नीलामी में एक कार की नंबर प्लेट के लिए ही 53.88 लाख रुपये की भारी रकम खर्च कर दी गई।

यह घटना इस बात को साबित करती है कि भारत में फैंसी या वीआईपी नंबर प्लेट का क्रेज लगातार बढ़ रहा है।

चंडीगढ़ के पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस नीलामी में CH01-DD-0001 नंबर प्लेट सबसे महंगी साबित हुई।

इस नंबर के लिए कई बोलीदाता मैदान में उतरे और अंततः यह रिकॉर्ड कीमत पर बिक गई।

खास बात यह है कि इतनी रकम में दो नई ऑफ-रोड एसयूवी खरीदी जा सकती हैं, लेकिन फिर भी इस नंबर के लिए बोली लगाने वालों की कमी नहीं थी।

भारत में वीआईपी नंबर प्लेट का चलन नया नहीं है, लेकिन चंडीगढ़ में यह एक अलग ही स्तर पर पहुंच चुका है।

यहां लोग अपने वाहनों के लिए ऐसे नंबर पसंद करते हैं जो देखने में खास हों, याद रखने में आसान हों या फिर प्रतिष्ठा का प्रतीक बन सकें।

यही वजह है कि हर साल आयोजित होने वाली इस ऑनलाइन नीलामी में लाखों रुपये की बोलियां लगती हैं।

Chandigarh Fancy Number Plate Auction : तीन दिन चली ऑनलाइन नीलामी

यह ई-नीलामी 4 मार्च से 6 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी।

इसमें CH01-DD सीरीज के नंबर (0001 से 9999 तक) और पिछली सीरीज के कुछ बचे हुए नंबर भी शामिल किए गए थे।

तीन दिनों तक चली इस प्रक्रिया में कुल 591 नंबर प्लेटों की बिक्री हुई।

इस नीलामी से लाइसेंसिंग प्राधिकरण को कुल 4.48 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई, जो चंडीगढ़ के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी कमाई मानी जा रही है।

सरकार द्वारा वीआईपी नंबरों की ऑनलाइन नीलामी का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और राजस्व बढ़ाना है।

इसी कारण से इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। इच्छुक व्यक्ति पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराते हैं और फिर निर्धारित समय के भीतर बोली लगाते हैं।

फैंसी नंबर प्लेट की नीलामी की प्रक्रिया और नियमों के बारे में जानकारी भारत सरकार के सड़क परिवहन से जुड़े पोर्टल पर भी उपलब्ध है:
https://parivahan.gov.in

CH01-DD-0001 नंबर के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा

इस नीलामी में सबसे अधिक ध्यान CH01-DD-0001 नंबर पर था। “0001” को अक्सर सबसे प्रतिष्ठित नंबर माना जाता है,

क्योंकि यह सीरीज का पहला नंबर होता है और इसे स्टेटस सिंबल की तरह देखा जाता है।

बोली की शुरुआत अपेक्षाकृत कम कीमत से हुई, लेकिन कुछ ही समय में यह लाखों में पहुंच गई।

कई दौर की प्रतिस्पर्धा के बाद आखिरकार 53.88 लाख रुपये की अंतिम बोली के साथ यह नंबर बिक गया।

इतनी बड़ी राशि खर्च करने का मुख्य कारण सामाजिक प्रतिष्ठा और अलग पहचान माना जाता है।

कई कारोबारी, राजनेता और हाई-प्रोफाइल लोग अपनी कारों पर खास नंबर लगवाना पसंद करते हैं।

इससे उनके वाहन को अलग पहचान मिलती है और यह एक तरह का स्टेटस सिंबल बन जाता है।

भारत में वीआईपी नंबर प्लेट की नीलामी के बारे में विस्तृत जानकारी यहां भी देखी जा सकती है:
https://morth.nic.in

नीलामी में बिके अन्य महंगे नंबर

हालांकि CH01-DD-0001 सबसे महंगा नंबर रहा, लेकिन इसके अलावा भी कई नंबर प्लेटों ने लाखों की बोली हासिल की।

नीलामी में मिले कुछ प्रमुख नंबर और उनकी कीमतें इस प्रकार रहीं:

Chandigarh Fancy Number Plate Auction

  • 0001 – 53.8 लाख रुपये

  • 0003 – 32.3 लाख रुपये

  • 0005 – 17.5 लाख रुपये

  • 0009 – 14.4 लाख रुपये

  • 0007 – 14.2 लाख रुपये

  • 1000 – 9 लाख रुपये

  • 0006 – 8.5 लाख रुपये

  • 0008 – 8.2 लाख रुपये

  • 0002 – 7.2 लाख रुपये

  • 0100 – 6.2 लाख रुपये

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि चार अंकों वाले खास पैटर्न वाले नंबरों की मांग सबसे ज्यादा रहती है।

खासकर 0001, 9999, 1111, 7777 जैसे नंबरों को लोग बेहद पसंद करते हैं।

पिछले साल भी बना था बड़ा रिकॉर्ड

अगर पिछले साल की बात करें तो अगस्त 2025 में भी एक नंबर प्लेट ने बड़ी चर्चा बटोरी थी।

उस समय CH01-DA-0001 नंबर प्लेट के लिए 36.43 लाख रुपये की बोली लगी थी।

यह नंबर चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और भाजपा नेता देवेश मौदगिल ने खरीदा था। उन्होंने यह नंबर अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर लेजेंडर एसयूवी के लिए लिया था।

दिलचस्प बात यह थी कि उस एसयूवी की कीमत करीब 50 लाख रुपये थी, जबकि नंबर प्लेट के लिए उन्होंने 36.43 लाख रुपये खर्च कर दिए थे।

उस समय इसे शहर की सबसे बड़ी बोली माना गया था, लेकिन अब 53.88 लाख की बोली ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।

क्यों बढ़ रहा है फैंसी नंबर प्लेट का क्रेज

भारत में फैंसी नंबर प्लेट को लेकर लोगों का आकर्षण कई कारणों से बढ़ रहा है।

पहला कारण सामाजिक प्रतिष्ठा है। कई लोग अपनी महंगी कारों पर ऐसा नंबर लगाना चाहते हैं जो अलग दिखे और आसानी से याद रखा जा सके।

दूसरा कारण अंक ज्योतिष या न्यूमेरोलॉजी से जुड़ा विश्वास है।

कुछ लोग मानते हैं कि खास नंबर उनके लिए शुभ होते हैं और सफलता लाते हैं।

तीसरा कारण पहचान है। एक खास नंबर वाहन को तुरंत पहचानने योग्य बना देता है।

कई कारोबारी और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग ऐसे नंबर इसलिए भी चुनते हैं ताकि उनकी गाड़ी आसानी से पहचानी जा सके।

चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में भी वीआईपी नंबर प्लेट के लिए लाखों और कभी-कभी करोड़ों रुपये तक खर्च किए जाते हैं।

हालांकि चंडीगढ़ में यह ट्रेंड सबसे ज्यादा लोकप्रिय माना जाता है।

ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया

Chandigarh Fancy Number Plate Auction फैंसी नंबर प्लेट खरीदने के लिए इच्छुक व्यक्ति को पहले ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है।

इसके बाद वह उपलब्ध नंबरों की सूची में से पसंदीदा नंबर चुन सकता है।

सरकार द्वारा तय की गई शुरुआती कीमत आमतौर पर 50,000 रुपये होती है।

इसके बाद बोली लगाने वाले लोग अपनी-अपनी राशि बढ़ाते जाते हैं।

निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद सबसे ज्यादा बोली लगाने वाला व्यक्ति उस नंबर प्लेट का मालिक बन जाता है।

इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने से पारदर्शिता बढ़ी है और सरकार को भी अच्छा राजस्व प्राप्त हो रहा है।

चंडीगढ़ में हुई यह नीलामी एक बार फिर यह दिखाती है कि भारत में फैंसी नंबर प्लेट का क्रेज कितना बढ़ चुका है।

लोग अपनी गाड़ियों को खास बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च करने को भी तैयार हैं और यही वजह है कि हर साल इस नीलामी में नए रिकॉर्ड बनते दिखाई दे रहे हैं।

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