Hind18: छत्रपति संभाजीनगर जिले से सामने आया Chhatrapati Sambhaji Nagar Wife Murder Case महाराष्ट्र के हालिया आपराधिक मामलों में एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला बन गया है।
इस केस में शादी के कुछ ही महीनों बाद एक युवा महिला को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा, जिसका अंत उसकी निर्मम हत्या के रूप में हुआ।
जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
यह मामला न केवल घरेलू हिंसा की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि समय रहते हस्तक्षेप न होने पर ऐसे विवाद किस हद तक भयावह रूप ले सकते हैं।
मामले की पृष्ठभूमि: पुनर्विवाह के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न
इस Chhatrapati Sambhaji Nagar Wife Murder Case में मृतक महिला की पहचान 23 वर्षीय रेशमा के रूप में हुई है।
रेशमा ने लगभग छह महीने पहले 36 वर्षीय लायक जावेद अंसारी से पुनर्विवाह किया था। लायक जावेद अंसारी छत्रपति संभाजीनगर जिले के कन्नड़ तालुका स्थित कुंजखेड़ा गांव का निवासी है।
रेशमा की पहली शादी से एक पांच वर्षीय बेटी थी। पारिवारिक विवादों और मतभेदों के चलते वह अपने पहले पति से अलग हो गई थी।
दूसरी शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद हालात तेजी से बिगड़ने लगे।
शारीरिक संबंध को लेकर विवाद और घरेलू हिंसा
रेशमा ने अपने मायके पक्ष को कई बार बताया था कि उसका पति शारीरिक संबंध बनाने को लेकर उस पर दबाव डालता था। विरोध करने पर उसे गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था। यह घरेलू हिंसा धीरे-धीरे बढ़ती गई।
भारत में घरेलू हिंसा को लेकर बने कानूनों और जागरूकता अभियानों के बावजूद ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
इस संदर्भ में आप Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 के बारे में विस्तृत जानकारी भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं:
https://www.indiacode.nic.in
परिवारों के बीच बैठक, फिर भी नहीं सुलझा विवाद
जब रेशमा की शिकायतें लगातार बढ़ने लगीं, तो दोनों परिवारों ने विवाद सुलझाने के लिए एक बैठक आयोजित की। उद्देश्य यही था कि पति-पत्नी के बीच चल रहे मतभेदों को बातचीत से सुलझाया जाए।
हालांकि, यह बैठक भी बेअसर साबित हुई। रेशमा ने बाद में अपने परिवार को बताया कि पति का व्यवहार और ज्यादा आक्रामक हो गया है। यह स्थिति इस Chhatrapati Sambhaji Nagar Wife Murder Case को और गंभीर बनाती है, क्योंकि समस्या की जानकारी होने के बावजूद हिंसा नहीं रुकी।
24 अक्टूबर की रात: आखिरी बार मायके पहुंची रेशमा
24 अक्टूबर 2024 की रात को रेशमा अपने मायके पहुंची थी। उसने अपने परिजनों को बताया कि उसे फिर से शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। रात अधिक होने के कारण परिवार ने उसे यह कहकर वापस भेज दिया कि सुबह इस बारे में विस्तार से बात की जाएगी।
यह निर्णय आगे चलकर इस मामले का सबसे दुखद पहलू बन गया।
25 अक्टूबर की सुबह: हत्या की सूचना
25 अक्टूबर 2024 को तड़के करीब 3:30 बजे आरोपी लायक जावेद अंसारी ने अपने दोस्त तौसीफ शेख को फोन किया। उसने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है।
तौसीफ शेख ने तुरंत मृतका के पिता इदरीस मुख्तार शेख (41 वर्ष), निवासी इंदिरानगर, कन्नड़ को इस घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया।
घर का ताला तोड़कर देखा गया भयावह दृश्य
सूचना मिलने के बाद ग्रामीण और परिजन रेशमा के घर पहुंचे। घर बाहर से बंद था। ताला तोड़कर जब लोग अंदर गए, तो रेशमा बेहोशी की हालत में पड़ी मिली।
उसकी गर्दन पर काले निशान थे, आंखें और होंठ बुरी तरह सूजे हुए थे। तत्काल उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
यह दृश्य इस Chhatrapati Sambhaji Nagar Wife Murder Case की भयावहता को स्पष्ट करता है।
पुलिस जांच और चार्जशीट
मृतका के पिता इदरीस मुख्तार शेख की शिकायत पर कन्नड़ शहर पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया। तत्कालीन पुलिस निरीक्षक बी.एस. भापकर ने मामले की गहन जांच की।
जांच के दौरान घटनास्थल से सबूत जुटाए गए, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्राप्त की गई और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
भारत में हत्या से जुड़े मामलों की कानूनी प्रक्रिया को समझने के लिए आप यह संसाधन देख सकते हैं:
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अदालत में सुनवाई और गवाहों के बयान
इस Chhatrapati Sambhaji Nagar Wife Murder Case की सुनवाई के दौरान सहायक लोक अभियोजक अरविंद बागुल ने कुल 10 गवाहों के बयान पेश किए। इनमें मृतका के परिजन, पड़ोसी और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल थे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मौत गला दबाने के कारण हुई थी। सभी साक्ष्यों, गवाहों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
न्यायालय का फैसला: आजीवन कारावास
जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.डी. खेडेकर ने आरोपी लायक जावेद अंसारी को पत्नी की हत्या का दोषी पाया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
यह फैसला घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त संदेश देता है कि कानून ऐसे मामलों में कठोर रुख अपनाता है।
समाज के लिए चेतावनी बनता मामला
Chhatrapati Sambhaji Nagar Wife Murder Case केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए चेतावनी है। यह मामला दिखाता है कि घरेलू हिंसा को नजरअंदाज करना कितना घातक हो सकता है।
महिला सुरक्षा, पारिवारिक संवाद, और समय पर कानूनी सहायता ऐसे मामलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग से संबंधित जानकारी यहां उपलब्ध है:
https://ncw.nic.in














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