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Badshah Tattiri Song Controversy: 7 बड़ी बातें – हरियाणा सरकार सख्त, मंत्री महिपाल ढांडा का कड़ा बयान, संस्कृति को बदनाम करने की कोशिश….!

Badshah Tattiri Song Controversy

Badshah Tattiri Song Controversy

Hind18: Badshah Tattiri Song Controversy  इन दिनों हरियाणा की राजनीति और मनोरंजन जगत में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

मशहूर गायक और रैपर बादशाह के नए हरियाणवी गाने “तत्तिरी” के रिलीज होने के बाद से ही इसके बोलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने इस गाने के कुछ हिस्सों को अश्लील और हरियाणा की संस्कृति के खिलाफ बताया है।

विवाद बढ़ने के बाद हरियाणा के मंत्री महिपाल ढांडा ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है

कहा है कि ऐसे गाने राज्य की संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाते हैं।

इसके साथ ही हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए गायक बादशाह को समन जारी किया है।

गाने के रिलीज के बाद शुरू हुआ विवाद

Badshah Tattiri Song Controversy की शुरुआत तब हुई जब 1 मार्च 2026 के आसपास यह गाना रिलीज हुआ।

गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसके बोलों को लेकर बहस शुरू हो गई।

कई लोगों ने आरोप लगाया कि गाने के कुछ शब्द और दृश्य महिलाओं के प्रति अपमानजनक हैं और हरियाणा की सांस्कृतिक परंपराओं के खिलाफ जाते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने इस गाने को लेकर नाराजगी जताई और इसे तुरंत हटाने की मांग की।

इसके साथ ही कुछ सामाजिक संगठनों ने भी सरकार से इस मामले में कार्रवाई करने की अपील की।

मंत्री महिपाल ढांडा का सख्त बयान

विवाद बढ़ने के बाद हरियाणा सरकार के मंत्री महिपाल ढांडा ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया।

उन्होंने कहा कि ऐसे गाने, जो समाज और संस्कृति को नुकसान पहुंचाते हैं, उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।

https://wcdhry.gov.in/

https://haryana.gov.in/

https://www.youtube.com/

उन्होंने कहा कि जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आदेश दिया।

ढांडा ने कहा कि गाने की शूटिंग जिस बस में हुई है और जिस डिपो से वह बस संबंधित है, उसकी भी जांच की जाएगी।

इसके अलावा उस बस के ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है यदि जांच में कोई लापरवाही सामने आती है।

महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान

Badshah Tattiri Song Controversy में एक बड़ा कदम तब सामने आया जब हरियाणा राज्य महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया।

आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि आयोग को गाने के बोलों को लेकर कई शिकायतें मिली हैं।

इन शिकायतों में कहा गया है कि गाने के शब्द अश्लील हैं और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ हैं।

इसी आधार पर आयोग ने गायक बादशाह को समन जारी किया है।

महिला आयोग का कहना है कि हरियाणा की सांस्कृतिक मर्यादाओं का सम्मान करना सभी कलाकारों की जिम्मेदारी है।

यदि कोई सामग्री समाज में गलत संदेश देती है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है।

13 मार्च को होगी सुनवाई

महिला आयोग द्वारा जारी समन के अनुसार इस मामले की सुनवाई 13 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे निर्धारित की गई है।

यह सुनवाई पानीपत स्थित डीसी कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में होगी।

समन में पानीपत के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि सुनवाई के दौरान इस मामले से जुड़े सभी पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

आयोग इस सुनवाई में शिकायतों और गाने की सामग्री की समीक्षा करेगा।

यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

बादशाह का असली नाम और शिकायत का विवरण

इस विवाद में जिस कलाकार का नाम सामने आया है वह प्रसिद्ध रैपर बादशाह हैं।

उनका असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है।

पिछले कई वर्षों से वह हिंदी और पंजाबी संगीत इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और कई लोकप्रिय गाने दे चुके हैं।

हालांकि इस बार उनका नया हरियाणवी गाना विवाद का कारण बन गया है।

शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि गाने के कुछ हिस्से सामाजिक और सांस्कृतिक मानकों के खिलाफ हैं।

मामले से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज पानीपत पुलिस को भेजा गया है और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जांच प्रक्रिया में सहयोग किया जाए।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

Badshah Tattiri Song Controversy को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस देखने को मिल रही है।

कुछ लोग गाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे कलाकार की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।

यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इस गाने के कमेंट सेक्शन में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

कुछ यूजर्स का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर सांस्कृतिक मूल्यों का मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए।

वहीं दूसरी ओर कुछ लोग मानते हैं कि गानों को केवल मनोरंजन के तौर पर देखा जाना चाहिए।

हरियाणा की संस्कृति को लेकर संवेदनशीलता

हरियाणा अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के लिए जाना जाता है।

राज्य में अक्सर ऐसे मामलों पर संवेदनशील प्रतिक्रिया देखने को मिलती है जहां संस्कृति या महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं।

इसी कारण Badshah Tattiri Song Controversy ने भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

आगे क्या हो सकता है

13 मार्च को होने वाली सुनवाई इस पूरे मामले में अहम साबित हो सकती है।

महिला आयोग इस दौरान शिकायतकर्ताओं, संबंधित अधिकारियों और अन्य पक्षों की बात सुनेगा।

यदि आयोग को लगता है कि गाने की सामग्री आपत्तिजनक है तो वह आगे की कार्रवाई के लिए सरकार या संबंधित एजेंसियों को सिफारिश कर सकता है।

इस बीच राज्य सरकार भी मामले की जांच पर नजर बनाए हुए है और अधिकारियों को सभी तथ्यों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं

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