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Harcharan Singh Bhullar: 7 निष्पक्ष बातें – हरचरण सिंह भुल्लर की याचिका पर हाईकोर्ट का बड़ा नकारात्मक फैसला….!

Harcharan Singh Bhullar

Harcharan Singh Bhullar

Hind18: Harcharan Singh Bhullar नाम भारतीय पुलिस सेवा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में सुना जाता है।

हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है|

जिससे यह मामला एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है।

1. Harcharan Singh Bhullar की जमानत याचिका क्यों खारिज हुई?

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत Harcharan Singh Bhullar की नियमित जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी।

इससे पहले ट्रायल कोर्ट और चंडीगढ़ की विशेष CBI कोर्ट ने भी उनकी जमानत अर्ज़ी को नकार दिया था।

कोर्ट ने मुख्य रूप से यह कारण दिया कि आरोपी अपनी वरिष्ठ स्थिति को देखते हुए गवाहों को प्रभावित कर सकता है,

इसीलिए उसे फिलहाल जेल में ही रहना चाहिए।

आधिकारिक जानकारी के लिए आप CBI की वेबसाइट भी देख सकते हैं — Central Bureau of Investigation (CBI): https://cbi.gov.in

2. ट्रायल कोर्ट और विशेष CBI कोर्ट की पूर्व निर्णय समीक्षा

इससे पहले जब Harcharan Singh Bhullar ने अपने बचाव पक्ष से जमानत के लिए आवेदन किया, तो:

CBI अदालतों के निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि कोर्ट मामले की गंभीरता और आरोपी की पेशेवर स्थिति को ध्यान में रखते हुए जमानत देने के प्रति सतर्क रुख अपना रही थी।

3. हाईकोर्ट में बचाव पक्ष की दलीलें

हाईकोर्ट में Harcharan Singh Bhullar के वकील ने मुख्य रूप से यह दलील दी कि:

हालांकि हाईकोर्ट ने इन दलीलों को गंभीरता से सुना, पर यह मानते हुए कि गिरफ्तारी और सबूत की प्रकृति गंभीर है, जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

आप भारतीय साक्ष्य अधिनियम और कानूनी दलीलों पर Supreme Court की निर्देशिका भी देख सकते हैं:

Supreme Court of India – Evidence and Bail Law Guidelines: https://main.sci.gov.in

4. CBI के वकील का तर्क

CBI के पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि:

इन दलीलों के कारण ही कोर्ट ने जमानत देने से इंकार किया।

CBI की जांच प्रक्रिया और भ्रष्टाचार मामलों की कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी CBI के Case Registration and Investigation Guidelines में उपलब्ध है — https://cbi.gov.in/case-status

5. गवाहों के बयान और भूमिका

भले ही बचाव पक्ष ने कहा कि इस मामले में कोई प्रत्यक्ष गवाह मौजूद नहीं है, लेकिन CBI के वकील ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि मामले में दो गवाहों के बयान दर्ज हैं:

  1. इंस्पेक्टर आर.एम. शर्मा

  2. इंस्पेक्टर पवन लांबा

इन गवाहों के बयान सीबीआई की जांच और अभियोजन के लिए अहम हैं, और कोर्ट को भी बताया गया कि इन दोनों ने अपने बयान दर्ज किए हैं|

जो केस के महत्वपूर्ण भाग हैं। गवाहों के बयान के महत्व पर आप Criminal Procedure के नियम भी पढ़ सकते हैं — https://legislative.gov.in/actsofparliament/section/1768/155

6. गिरफ्तारी और सबूतों की बरामदगी

Harcharan Singh Bhullar को 16 अक्टूबर 2025 को CBI ने मोहाली स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया था।

इसके पहले एजेंसी ने कथित बिचौलिए कृष्णु को हिरासत में लिया। उसके बाद भुल्लर की गिरफ्तारी की गई।

CBI ने भुल्लर के आवास पर भी छापेमारी की थी, जहां से:

इन सारे सबूतों को सीबीआई ने अपने बयान में कोर्ट में प्रस्तुत किया है।

CBI की Assets Search and Seizure Policy को आप यहाँ पढ़ सकते हैं — https://cbi.gov.in/search-and-seizure-policy

7. आगे की कानूनी प्रक्रिया

अब जब Punjab & Haryana High Court ने Harcharan Singh Bhullar की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है, तो:

आप भारतीय सिविल और अपर सिविल न्यायालयों के कामकाज की विस्तृत मार्गदर्शिका यहाँ से देख सकते हैं — भारत सरकार न्याय विभाग: https://doj.gov.in

केस से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

यह मामला न केवल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के लिए कानूनी चुनौती बन चुका है|

बल्कि भ्रष्टाचार जैसे संवेदनशील विषय पर न्यायालय की गंभीरता को भी प्रदर्शित करता है।

Harcharan Singh Bhullar की जमानत याचिका का खारिज होना

इस लंबी कानूनी लड़ाई का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आगे की सुनवाई और Detailed Order आने पर ही इस मामले की अगली दिशा स्पष्ट होगी।

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