Hind18: Haryana Illegal Drug Sales के खिलाफ हरियाणा में प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते हुए तीन जिलों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर सिरसा, हिसार और फतेहाबाद जिलों में 124 मेडिकल स्टोर्स की जांच की।
इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रदेश में अवैध दवा बिक्री और चिकित्सीय नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाना था।
राज्य में बढ़ती अवैध दवा बिक्री और नशे से जुड़ी शिकायतों के बीच यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कई मेडिकल स्टोरों में रिकॉर्ड से जुड़ी खामियां पाई गईं,
जबकि एक मेडिकल स्टोर को मौके पर ही सील कर दिया गया क्योंकि वहां चिकित्सीय मादक पदार्थों की अवैध बिक्री की जा रही थी।
गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई कार्रवाई
Haryana Illegal Drug Sales पर रोक लगाने के लिए यह छापेमारी अभियान औषधि नियंत्रण आयुक्त मनोज कुमार (आईएएस) और राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल के निर्देश पर चलाया गया।
पुलिस और औषधि विभाग को विभिन्न स्रोतों से लगातार अवैध दवा बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं।
इन्हीं सूचनाओं के आधार पर तीन जिलों में एक साथ कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
इस अभियान में पुलिस अधिकारियों और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई थी।
टीमों ने एक तय समय पर अलग-अलग क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों की जांच शुरू की ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
सरकारी नियमों के अनुसार दवाओं की बिक्री और वितरण को नियंत्रित करने के लिए Drugs and Cosmetics Act लागू किया गया है,
जिसके बारे में अधिक जानकारी भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है:
https://cdsco.gov.in
23 औषधि नियंत्रण अधिकारियों की टीम तैनात
इस बड़े अभियान के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से कुल 23 औषधि नियंत्रण अधिकारियों (DCO) को एक साथ तैनात किया गया था।
ये अधिकारी सिरसा, जींद, करनाल, झज्जर, पानीपत, अंबाला, पंचकूला, भिवानी, यमुनानगर, कैथल, फरीदाबाद, सोनीपत, फतेहाबाद, हिसार, गुरुग्राम और रेवाड़ी सहित कई जिलों से बुलाए गए थे।
इन अधिकारियों ने सिरसा, हिसार और फतेहाबाद के अलग-अलग इलाकों में स्थित मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया।
पूरे अभियान की निगरानी वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारी सिरसा जोन रमन कुमार, फरीदाबाद जोन के कृष्ण कुमार और गुरुग्राम जोन के गुरचरण सिंह के नेतृत्व में की गई।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध दवा बिक्री को रोकना ही नहीं बल्कि मेडिकल स्टोरों को नियमों के अनुसार काम करने के लिए भी जागरूक करना है।
सिरसा में मेडिकल स्टोर सील
छापेमारी के दौरान सिरसा जिले में सिविल अस्पताल के सामने स्थित गोयल मेडिकल हाल नामक मेडिकल स्टोर में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में सामने आया कि वहां चिकित्सीय नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री की जा रही थी।
इस मामले में जिंद-2 की ड्रग कंट्रोल अधिकारी रूबी शर्मा ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार की दवाओं की बिक्री केवल वैध प्रिस्क्रिप्शन और नियमों के तहत ही की जा सकती है।
अवैध रूप से बेची जाने वाली दवाओं का उपयोग अक्सर नशे के रूप में किया जाता है,
जिससे युवाओं में नशे की समस्या बढ़ने का खतरा रहता है। यही कारण है कि प्रशासन इस प्रकार के मामलों में सख्त कदम उठा रहा है।
कई मेडिकल स्टोरों में रिकॉर्ड संबंधी खामियां
Haryana Illegal Drug Sales के खिलाफ चलाए गए इस अभियान के दौरान कई मेडिकल स्टोरों में रिकॉर्ड से जुड़ी अनियमितताएं भी सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ दुकानों पर दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।
इसके अलावा कई जगहों पर डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवाएं बेचे जाने के संकेत मिले।
कुछ मेडिकल स्टोरों में दवाओं के स्टॉक का सही तरीके से रखरखाव भी नहीं किया गया था।
नियमों के अनुसार मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है।
साथ ही नियंत्रित दवाओं की बिक्री केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही की जा सकती है।
दवा नियमन और लाइसेंसिंग से जुड़ी जानकारी के लिए हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट भी देखी जा सकती है:
https://haryanahealth.nic.in
लाइसेंसिंग प्राधिकरण करेगा आगे की कार्रवाई
जिन मेडिकल स्टोरों में अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
संबंधित ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट और टिप्पणियों के आधार पर लाइसेंसिंग प्राधिकरण निर्णय लेगा।
यदि जांच में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया जाता है तो मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है।
इसके अलावा संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में दवाओं की बिक्री को पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
सीएम दौरे के बाद तेज हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि हाल ही में सिरसा जिले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में नशे की बिक्री को लेकर कई शिकायतें की थीं।
इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
इसी क्रम में सोमवार को ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर यह संयुक्त छापेमारी अभियान शुरू किया।
भविष्य में भी जारी रहेंगी छापेमारी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है।
भविष्य में भी स्थानीय प्रशासन और पुलिस से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर इस प्रकार की संयुक्त छापेमारी जारी रहेगी।
अधिकारियों का मानना है कि लगातार निरीक्षण और सख्त कार्रवाई से अवैध दवा बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है।
साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को मजबूत करने के लिए प्रशासन दवाओं की बिक्री पर भी कड़ी निगरानी रख रहा है।
यही कारण है कि Haryana Illegal Drug Sales के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई को आगे भी जारी रखने की योजना बनाई गई है।















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