Hind18: LPG Cylinder Price Hike के चलते देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है।
7 मार्च 2026 से घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि कर दी गई है।
सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसार 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है,
जबकि 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये तक का इजाफा हुआ है।
इस बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा, वहीं होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत भी बढ़ने की संभावना है।
एलपीजी गैस भारत में खाना पकाने के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला ईंधन है।
ऐसे में LPG Cylinder Price Hike को लेकर उपभोक्ताओं और कारोबारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें
नई दरों के अनुसार देश के प्रमुख महानगरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि देखी गई है।
दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत पहले 853 रुपये थी, जो अब बढ़कर 913 रुपये हो गई है।
मुंबई में यह कीमत 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये हो गई है।
इसी तरह कोलकाता में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 879 रुपये से बढ़कर 930 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये तक पहुंच गई है।
नई दरें 7 मार्च से पूरे देश में लागू कर दी गई हैं। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा।
एलपीजी सिलेंडर की आधिकारिक कीमतों की जानकारी उपभोक्ता सरकारी तेल कंपनियों की वेबसाइट जैसे
https://iocl.com और https://www.mylpg.in पर भी देख सकते हैं।
व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर भी हुआ महंगा
LPG Cylinder Price Hike का असर केवल घरेलू उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
दिल्ली में 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत पहले 1768.50 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1883 रुपये हो गई है।
मुंबई में यह कीमत 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये हो गई है। कोलकाता में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये तक पहुंच गई है।
वहीं चेन्नई में यह कीमत 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सर्विस और छोटे खाद्य व्यवसायों पर पड़ सकता है।
लागत बढ़ने के कारण कई जगह खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
लंबे समय बाद बढ़ी घरेलू गैस की कीमत
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी काफी समय बाद हुई है।
इससे पहले अप्रैल 2025 में कीमतों में संशोधन किया गया था। उस समय दिल्ली में गैर-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये तय की गई थी।
करीब एक साल तक कीमत स्थिर रहने के बाद अब नई वृद्धि लागू की गई है।
ऊर्जा बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और आयात लागत में उतार-चढ़ाव के कारण समय-समय पर एलपीजी की कीमतों में बदलाव होता रहता है।
ऊर्जा बाजार की वैश्विक स्थिति की जानकारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों की वेबसाइट जैसे
https://www.iea.org पर भी उपलब्ध है।
आम उपभोक्ताओं के बजट पर असर
LPG Cylinder Price Hike का सबसे बड़ा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है।
भारत में करोड़ों घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है।
हर महीने या दो महीने में सिलेंडर भरवाने वाले परिवारों को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है।
हालांकि सरकार द्वारा चलाई जा रही कुछ योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को एलपीजी पर सब्सिडी भी मिलती है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
सरकार का बयान: ऊर्जा आपूर्ति में कोई कमी नहीं
एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चर्चाएं चल रही थीं।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति और वितरण नेटवर्क पूरी तरह सामान्य तरीके से काम कर रहा है और ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है।
इंडियन ऑयल ने लोगों से की अपील
देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।
कंपनी ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और देश में पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है।
सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को भी खारिज किया गया है जिनमें ईंधन की कमी की बात कही जा रही थी।
इंडियन ऑयल के अनुसार ईंधन वितरण नेटवर्क लगातार काम कर रहा है और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
एलपीजी की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देश की सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के सभी हिस्सों में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में भारत में एलपीजी का भंडार सामान्य स्तर पर है और आने वाले समय में भी आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या आगे भी बढ़ सकती हैं कीमतें
ऊर्जा बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं,
जिनमें अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल कीमतें, आयात लागत, परिवहन खर्च और मुद्रा विनिमय दर शामिल हैं।
अगर वैश्विक बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहता है, तो भविष्य में एलपीजी कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल 7 मार्च से लागू नई कीमतों के बाद उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों को अपने बजट में बदलाव करना पड़ सकता है।
