Hind18 : Narendra Modi’s visit to Assam, एक बार फिर सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को असम पहुंचेंगे। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री राज्य को कई महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। यह दौरा बुनियादी ढांचे, शिक्षा, परिवहन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं के कारण बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने असम दौरे की शुरुआत गुवाहाटी से करेंगे। सबसे पहले वे गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी को जोड़ने वाले नए पुल का उद्घाटन करेंगे। करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल को असम की कनेक्टिविटी के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। इसके शुरू होने से ब्रह्मपुत्र नदी के दोनों किनारों के बीच यातायात सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी।
इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री पलाशबारी स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के अस्थायी परिसर का उद्घाटन करेंगे। यह कदम पूर्वोत्तर भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है। आईआईएम के शुरू होने से असम के युवाओं को देश के शीर्ष संस्थानों में पढ़ाई का अवसर अपने राज्य में ही मिलेगा।
नरेंद्र मोदी का असम दौरा शहरी परिवहन के लिए भी अहम साबित होगा। प्रधानमंत्री गुवाहाटी शहर को 100 इलेक्ट्रिक बसें समर्पित करेंगे। इन बसों के शुरू होने से सार्वजनिक परिवहन अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनेगा और शहर में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। सरकार इसे हरित ऊर्जा और स्मार्ट सिटी पहल से जोड़कर देख रही है।
प्रधानमंत्री गुवाहाटी में राष्ट्रीय डेटा केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे। यह डेटा केंद्र डिजिटल इंडिया मिशन के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे सरकारी सेवाओं की डिजिटल क्षमता बढ़ेगी और डेटा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
मारन में प्रधानमंत्री भारतीय वायुसेना के एयर शो में भी शामिल होंगे। इस दौरान राफेल और सुखोई जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरते हुए अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम देश की रक्षा तैयारियों और रणनीतिक ताकत को दर्शाने वाला होगा।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने यह घोषणा आज़ारा में आयोजित राज्य भाजपा के बूथ विजय अभियान के दौरान की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च महीने में भी एक बार फिर असम का दौरा करेंगे, जिससे राज्य में विकास परियोजनाओं की निरंतरता बनी रहेगी।
भाजपा का बूथ विजय अभियान 11 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान के तहत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से मुलाकात की और वरिष्ठ नागरिकों व बूथ समिति के कार्यकर्ताओं से संवाद किया।
कुल मिलाकर, नरेंद्र मोदी का असम दौरा राज्य के लिए विकास, सुरक्षा, शिक्षा और तकनीकी उन्नति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे से असम को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ब्रेकिंग जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री खानापारा मैदान में भारतीय जनता पार्टी के बूथ सम्मेलन में भी भाग लेंगे। यहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और संगठनात्मक रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। भाजपा इस कार्यक्रम को आगामी राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम मान रही है।
कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना होंगे। उनका विमान मारन क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर बने आपातकालीन लैंडिंग स्ट्रिप पर उतरेगा। यह स्ट्रिप 4.2 किलोमीटर लंबी है और इसका निर्माण लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह सुविधा युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में वायुसेना के विमानों की लैंडिंग के लिए तैयार की गई है।
मारन में प्रधानमंत्री भारतीय वायुसेना के विशेष एयर शो में भी शामिल होंगे। इस दौरान राफेल और सुखोई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरते हुए अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम देश की रक्षा तैयारियों और सामरिक शक्ति को दर्शाने वाला होगा।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने यह घोषणा आज़ारा में आयोजित भाजपा के बूथ विजय अभियान के दौरान की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च महीने में भी एक बार फिर असम का दौरा करेंगे। इससे साफ है कि केंद्र सरकार असम के विकास को लेकर लगातार सक्रिय है।
भाजपा का बूथ विजय अभियान 11 फरवरी तक चलेगा। अभियान के तहत पार्टी नेता और कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से मुलाकात की और वरिष्ठ नागरिकों तथा बूथ समिति के कार्यकर्ताओं से बातचीत की।
कुल मिलाकर, नरेंद्र मोदी का असम दौरा राज्य के लिए विकास, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। 14 फरवरी का यह दौरा असम के भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।














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