Hind18: Nashik Job Fraud ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह कितने संगठित और खतरनाक हो चुके हैं।
नासिक के सीआईडीसीओ क्षेत्र में रहने वाले एक कंपनी मैनेजर से ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने के नाम पर 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
यह मामला अंबड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
ट्रेन यात्रा से शुरू हुई कहानी
साल 2023 में पीड़ित की सास पंजाब से मनमाड जा रही थीं।
यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात जालंधर निवासी जतिंदरसिंह परमजीतसिंह से हुई।
बातचीत के दौरान आरोपी ने दावा किया कि वह भारतीय युवाओं को ऑस्ट्रेलिया में उच्च वेतन वाली नौकरी दिलाता है।
उसने भरोसा जीतने के लिए अपना संपर्क नंबर दिया और दामाद के लिए भी नौकरी दिलाने का वादा किया।
रेलवे यात्रा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए आप भारतीय रेलवे की वेबसाइट https://indianrailways.gov.in पर देख सकते हैं।
फर्जी वीजा और ऑफर लेटर का जाल
कुछ समय बाद आरोपी नासिक आया और पीड़ित से संपर्क किया।
उसने “प्राइम फ्लोर मिल्स” नामक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी में नौकरी दिलाने का दावा किया।
17 जून 2024 को व्हाट्सएप पर ऑस्ट्रेलियाई वीजा और ऑफर लेटर भेजा गया।
दस्तावेजों पर ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्रालय की फर्जी मुहरें लगी थीं, जिससे वे असली लग रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक वीजा जानकारी के लिए
https://immi.homeaffairs.gov.au और https://www.australia.gov.au पर सत्यापन किया जा सकता है।
55 लाख रुपये की उगाही
आरोपी ने वीजा प्रोसेसिंग, मेडिकल, टिकट और अन्य खर्चों के नाम पर रकम मांगी।
गूगल पे, आरटीजीएस और नकद के माध्यम से धीरे-धीरे कुल 55 लाख रुपये आरोपी को दे दिए गए।
डिजिटल पेमेंट सुरक्षा के लिए आप NPCI की आधिकारिक साइट https://www.npci.org.in
RBI की गाइडलाइन https://www.rbi.org.in पर जानकारी ले सकते हैं।
सच सामने कैसे आया?
काफी समय बीत जाने के बाद भी नौकरी जॉइनिंग नहीं हुई।
इस बीच पीड़ित की सास का निधन हो गया।
जब लगातार देरी होने लगी तो पीड़ित को संदेह हुआ।
जांच करने पर पता चला कि कंपनी का ऑफर लेटर फर्जी था और वीजा दस्तावेज नकली थे।
फर्जी कंपनियों की जांच के लिए आप ऑस्ट्रेलियाई बिजनेस रजिस्टर https://abr.business.gov.au पर कंपनी का नाम खोज सकते हैं।
पुलिस में शिकायत और कार्रवाई
पीड़ित ने अंबड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक प्रताप गिरी कर रहे हैं।
आरोपी को 14 दिनों में पेश होने का नोटिस दिया गया है।
यदि वह उपस्थित नहीं होता है तो उसे पंजाब से गिरफ्तार किया जाएगा।
ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत के लिए भारत सरकार का साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in उपलब्ध है।
7 बड़े सबक जो बदल देंगे सोच
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बिना सत्यापन किसी एजेंट पर भरोसा न करें।
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ऑफर लेटर को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से मिलान करें।
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सरकारी वीजा प्रक्रिया केवल आधिकारिक पोर्टल से ही करें।
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नकद भुगतान से बचें।
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हर ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
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संदिग्ध दस्तावेजों की विशेषज्ञ से जांच करवाएं।
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धोखाधड़ी होने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें।
पासपोर्ट से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए https://www.passportindia.gov.in देखें।
विदेश नौकरी घोटालों में बढ़ोतरी
Nashik Job Fraud जैसा मामला अकेला नहीं है।
विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर में ठगी के मामले बढ़ रहे हैं।
युवाओं को चाहिए कि वे विदेश मंत्रालय की वेबसाइट
https://www.mea.gov.in और प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स की जानकारी https://emigrate.gov.in से एजेंट की वैधता की जांच करें।
रोजगार से संबंधित आधिकारिक अपडेट के लिए आप https://www.ncs.gov.in भी देख सकते हैं।
Nashik Job Fraud क्यों बना चेतावनी
यह मामला दिखाता है कि कैसे एक साधारण ट्रेन यात्रा के दौरान हुई मुलाकात ने लाखों रुपये के नुकसान में बदल गई।
भावनात्मक भरोसा और विदेश में बेहतर भविष्य का सपना ठगों का सबसे बड़ा हथियार बन गया।
Nashik Job Fraud अब नासिक ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है कि बिना जांच-पड़ताल के किसी भी ऑफर पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।















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