Hind18: Sensex Today भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली।
कमजोर वैश्विक संकेतों और मध्य पूर्व में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया,
जिसके कारण प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए।
कुछ दिनों की लगातार गिरावट के बाद गुरुवार को बाजार में मजबूत उछाल देखने को मिला था,
लेकिन शुक्रवार को निवेशकों की सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण बाजार फिर से लाल निशान में खुला।
सुबह लगभग 10 बजे तक मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 79,681.23 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इसमें करीब 334.67 अंकों यानी 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 24,670.70 के स्तर पर पहुंच गया,
जिसमें लगभग 95.20 अंकों यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
भारतीय शेयर बाजार की ताजा जानकारी और आंकड़े निवेशक नियमित रूप से
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Sensex Today : बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
शुक्रवार को शेयर बाजार में आई गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार रहे।
सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेत और मध्य पूर्व में जारी तनाव है।
मध्य पूर्व क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इसके अलावा अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर पड़ा।
जब वैश्विक बाजारों में कमजोरी आती है तो उसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ता है।
निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बड़े निवेश से पहले वैश्विक परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
इन कंपनियों के शेयरों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
निफ्टी इंडेक्स में शामिल कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली।
सबसे ज्यादा नुकसान विमानन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों को हुआ।
इसके शेयर लगभग 2.4 प्रतिशत तक गिर गए। इसके अलावा निजी क्षेत्र के बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में करीब 1.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसी तरह धातु और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े शेयर भी दबाव में रहे।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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टाटा स्टील
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अल्ट्राटेक सीमेंट
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लार्सन एंड टुब्रो
इन कंपनियों के शेयरों में लगभग 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का असर इन सेक्टरों पर अधिक पड़ता है,
इसलिए निवेशक फिलहाल इन शेयरों में सावधानी बरत रहे हैं।
आईटी सेक्टर ने बाजार को दिया सहारा
जहां अधिकांश Sensex Today सेक्टर गिरावट में रहे, वहीं आईटी सेक्टर ने बाजार को कुछ हद तक सहारा देने का काम किया।
आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयरों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा एचसीएल टेक, टीसीएस, विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली।
आईटी सेक्टर की इस मजबूती के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी का एक बड़ा कारण डॉलर की मजबूती भी माना जा रहा है।
डॉलर मजबूत होने पर आईटी कंपनियों की कमाई में सुधार की उम्मीद बढ़ जाती है क्योंकि उनका बड़ा कारोबार विदेशी बाजारों से आता है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स बना टॉप गेनर
Sensex Today शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में रक्षा क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली।
इसके शेयरों में लगभग 1.1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसके कारण यह निफ्टी के टॉप गेनर शेयरों की सूची में सबसे ऊपर रहा।
रक्षा क्षेत्र की कंपनियों में हाल के महीनों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
सरकार द्वारा रक्षा उत्पादन और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की नीतियों के कारण इस सेक्टर में निवेश का रुझान मजबूत बना हुआ है।
किन सेक्टरों में रही कमजोरी
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख सेक्टरों के इंडेक्स लाल निशान में नजर आए।
इनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
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बैंकिंग सेक्टर
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ऑटो सेक्टर
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इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर
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रियल्टी सेक्टर
निफ्टी बैंक इंडेक्स में गिरावट के कारण पूरे बाजार की धारणा पर दबाव पड़ा।
बैंकिंग सेक्टर का भारतीय शेयर बाजार में बड़ा योगदान होता है,
इसलिए इस सेक्टर में गिरावट आने पर बाजार पर व्यापक असर दिखाई देता है।
पिछले कारोबारी दिन बाजार में आई थी बड़ी तेजी
गौरतलब है कि गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली थी।
पिछले कुछ दिनों की लगातार गिरावट के बाद सेंसेक्स में लगभग 900 अंकों की उछाल दर्ज की गई थी। वहीं निफ्टी में 285 अंकों से अधिक की वृद्धि हुई थी।
उस दिन बाजार में तेजी का मुख्य कारण धातु, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटो सेक्टर के शेयरों में हुई खरीदारी था।
निवेशकों ने इन सेक्टरों में अच्छा निवेश किया था, जिसके कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुआ था।
हालांकि वैश्विक परिस्थितियों में अचानक आए बदलाव के कारण शुक्रवार को बाजार का रुख फिर बदल गया।
कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी बाजार की नजर
विश्लेषकों के अनुसार आने वाले समय में शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।
यदि तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इससे भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
iइससे मुद्रास्फीति में वृद्धि और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं कम हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर करीब से नजर रख रहे हैं।
वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों की जानकारी निवेशक
https://www.opec.org और https://www.eia.gov जैसी वेबसाइटों पर भी प्राप्त कर सकते हैं।
अगर ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती है तो बाजार पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।
लेकिन यदि यह कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाती है,
वैश्विक शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और भारतीय बाजार भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
वर्तमान बाजार परिस्थिति में निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
वैश्विक राजनीतिक तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी बाजारों की चाल भारतीय बाजार के लिए प्रमुख कारक बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
ऐसे में निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
Sensex Today की मौजूदा स्थिति यह संकेत देती है कि भारतीय शेयर बाजार फिलहाल वैश्विक परिस्थितियों से काफी प्रभावित हो रहा है
निवेशकों की धारणा भी इन्हीं संकेतों के आधार पर बदल रही है।















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