Hind18: Silver Crash ने निवेशकों को झटका दे दिया है। कीमती धातुओं के बाजार में जो तेजी पिछले महीने रॉकेट की रफ्तार से भाग रही थी|
वह अब पूरी तरह पलट चुकी है। रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने के बाद सोना और चांदी दोनों ही तेज गिरावट की चपेट में हैं।
खासकर चांदी में आई गिरावट ने बाजार को हिला कर रख दिया है।
निवेशकों के लिए यह सप्ताह किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। जिन निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी|
उनके पोर्टफोलियो में भारी गिरावट देखने को मिल रही है।
बाजार में चर्चा तेज है कि क्या चांदी में आया कृत्रिम उछाल पूरी तरह खत्म हो चुका है।
चांदी में 1.80 लाख रुपये की ऐतिहासिक टूट
29 जनवरी को चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलो का मनोवैज्ञानिक स्तर पार करते हुए 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड हाई बनाया था।
उस समय बाजार में जबरदस्त तेजी थी और निवेशकों को उम्मीद थी कि यह रैली आगे भी जारी रहेगी।
लेकिन Silver Crash के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 17 फरवरी मंगलवार को बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में 4,600 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा रहा कि चांदी अपने लाइफटाइम हाई से करीब 20 दिनों में 1.80 लाख रुपये से ज्यादा टूट गई।
सोमवार की क्लोजिंग के मुकाबले मंगलवार को भाव सीधे 2,35,206 रुपये प्रति किलो तक आ गया।
सुबह 9:53 बजे तक चांदी में 3,127 रुपये की अतिरिक्त गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 2,36,764 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया।
MCX के आधिकारिक आंकड़े आप यहां देख सकते हैं:
https://www.mcxindia.com
यह गिरावट बताती है कि बाजार में फिलहाल मजबूत बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।
सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी दूर
Silver Crash का असर केवल चांदी तक सीमित नहीं रहा।
सुरक्षित निवेश के तौर पर पहचाने जाने वाला सोना भी दबाव में है।
29 जनवरी को सोना 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
लेकिन अब तक इसमें 38,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
17 फरवरी को अप्रैल एक्सपायरी वाले सोने के दाम बाजार खुलते ही 1,210 रुपये गिरकर लगभग 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए।
सुबह 9:53 बजे तक सोना 1,080 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था।
इस गिरावट के बाद 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1,53,680 रुपये पर आ गई।
हालांकि बीच-बीच में सोने में हल्की रिकवरी देखने को मिली, लेकिन ओवरऑल मार्केट सेंटिमेंट अभी भी दबाव में बना हुआ है।
निवेशकों के लिए बड़ा झटका
Silver Crash ने खासकर उन निवेशकों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है जिन्होंने तेजी के दौरान ऊंचे दामों पर एंट्री ली थी।
कम समय में इतनी बड़ी गिरावट आमतौर पर तब देखी जाती है जब बाजार में ओवरबॉट स्थिति बन जाती है और बड़े निवेशक मुनाफावसूली शुरू कर देते हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी काफी हद तक सट्टेबाजी पर आधारित थी।
जैसे ही मुनाफावसूली शुरू हुई, कीमतों में तेज गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया।
क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय बाजार?
घरेलू बाजार में Silver Crash की वजह अंतरराष्ट्रीय संकेत भी माने जा रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड में बदलाव और कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव का असर सोना-चांदी पर पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय कीमतों की जानकारी के लिए निवेशक यह वेबसाइट देख सकते हैं:
https://www.kitco.com
जब वैश्विक बाजारों में दबाव बनता है, तो उसका सीधा असर MCX जैसे घरेलू एक्सचेंजों पर दिखाई देता है।
तकनीकी स्तर पर क्या संकेत?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, चांदी में हाल की तेजी के बाद ओवरबॉट जोन बन गया था। ऐसे में करेक्शन की संभावना पहले से जताई जा रही थी।
लाइफटाइम हाई से 1.80 लाख रुपये की गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार में पैनिक सेलिंग भी देखने को मिली है।
यदि मौजूदा स्तर पर सपोर्ट नहीं टिकता है, तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।
वहीं यदि मजबूत सपोर्ट बनता है, तो शॉर्ट कवरिंग के चलते सीमित रिकवरी भी देखी जा सकती है।
17 फरवरी के ताजा रेट
सोना (24 कैरेट, 10 ग्राम)
कीमत: 1,53,680 रुपये
गिरावट: 1,080 रुपये
चांदी (प्रति किलो)
कीमत: 2,36,764 रुपये
गिरावट: 3,127 रुपये
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि Silver Crash अभी पूरी तरह थमा नहीं है और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
बाजार में आगे क्या?
फिलहाल निवेशकों की नजरें आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजार संकेतों पर टिकी हैं।
यदि डॉलर इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में स्थिरता आती है, तो सोना-चांदी में संतुलन लौट सकता है।
लेकिन जब तक बाजार में मजबूत खरीदारी नहीं दिखती, तब तक उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Silver Crash ने यह साफ कर दिया है कि कीमती धातुओं में भी जोखिम मौजूद रहता है और तेजी के बाद करेक्शन एक सामान्य प्रक्रिया है।
निवेशकों को ऐसे समय में सावधानी बरतने और बाजार की दिशा को समझकर ही निर्णय लेने की जरूरत है।
