Sirsa Ghaggar Drain Cleaning: सिरसा घग्गर ड्रेन सफाई को लेकर किसानों का हल्ला बोल, प्रशासन को दी बड़े आंदोलन की 1 चेतावनी!

Sirsa Ghaggar Drain Cleaning

Hind18: Sirsa Ghaggar Drain Cleaning का मुद्दा एक बार फिर हरियाणा के सिरसा जिले में तूल पकड़ता नजर आ रहा है। लंबे समय से चली आ रही इस गंभीर समस्या को लेकर किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में किसान सिरसा के लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए और हिसार घग्गर ड्रेन की साफ-सफाई की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे।

हर साल बाढ़ जैसे हालात, ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि Sirsa Ghaggar Drain Cleaning न होने के कारण हर साल बरसात के मौसम में सेम नाला और घग्गर ड्रेन उफान पर आ जाते हैं। इससे ड्रेन के किनारे बसे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। किसानों के अनुसार, सैकड़ों परिवारों को हर साल अपने घर छोड़ने पड़ते हैं, पशुधन और घरेलू सामान को भारी नुकसान होता है, जबकि हजारों एकड़ में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाती है।

ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि बीते कई वर्षों से लगातार बनी हुई है। बावजूद इसके प्रशासन और सरकार की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

“कई बार रखी समस्या, लेकिन नहीं निकला कोई हल”

किसानों ने आरोप लगाया कि वे Sirsa Ghaggar Drain Cleaning को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों, विभागीय कर्मचारियों और यहां तक कि जिला उपायुक्त से भी मिल चुके हैं। हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा,

“हर साल हमें यही परेशानी झेलनी पड़ती है। अधिकारी आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। जब तक नाला टूटता नहीं या गांव डूबते नहीं, तब तक कोई सुनवाई नहीं होती।”

120 गांव इस समस्या से सीधे प्रभावित

किसानों के अनुसार सिरसा घग्गर ड्रेन सफाई न होने से करीब 120 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। हिसार घग्गर ड्रेन की वास्तविक क्षमता लगभग 700 से 800 क्यूसेक पानी की है, लेकिन इसमें करीब 1000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। यह अतिरिक्त पानी ड्रेन पर दबाव बनाता है, जिससे कई स्थानों पर सेम नाला टूट जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब भी मुख्य घग्गर नदी में पानी बढ़ता है, तो ड्रेन में डाले गए साइफन पानी निकालने में पूरी तरह फेल हो जाते हैं। इसका सीधा असर खेतों, घरों और सड़कों पर पड़ता है।

केमिकल युक्त पानी से खेती पर संकट

किसानों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि हिसार घग्गर ड्रेन में बहने वाला पानी अत्यधिक केमिकल युक्त है। मजबूरी में किसानों को यही पानी अपने खेतों में देना पड़ता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता खत्म हो रही है।

किसानों का आरोप है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले वर्षों में उनके खेतों में फसल उगनी ही बंद हो जाएगी। Sirsa Ghaggar Drain Cleaning न होने से यह केमिकल युक्त पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहता है, जिससे जमीन बंजर होने की कगार पर पहुंच रही है।

प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही Sirsa Ghaggar Drain Cleaning का कार्य शुरू नहीं किया गया और ड्रेन की क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे जिले-स्तर से लेकर राज्य-स्तर तक बड़ा आंदोलन करेंगे।

किसानों ने कहा कि अब केवल ज्ञापन देने से काम नहीं चलेगा। अगर जरूरत पड़ी तो सड़क जाम, धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

क्या है किसानों की प्रमुख मांगें?

किसानों की मांगें इस प्रकार हैं:

  • हिसार घग्गर ड्रेन और सेम नाले की तुरंत और नियमित सफाई

  • ड्रेन की क्षमता बढ़ाई जाए ताकि अतिरिक्त पानी का दबाव न बने

  • केमिकल युक्त पानी की जांच और वैकल्पिक व्यवस्था

  • प्रभावित गांवों को मुआवजा और स्थायी समाधान

  • भविष्य में बाढ़ जैसी स्थिति से बचाव के लिए ठोस योजना

राजनीतिक और प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल

Sirsa Ghaggar Drain Cleaning जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। किसानों का कहना है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में ग्रामीणों की समस्याएं अनसुनी कर दी जाती हैं।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते ड्रेन की सफाई कर दी जाए, तो न केवल किसानों की फसल बचेगी, बल्कि सरकार को हर साल राहत और मुआवजे पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये भी बचाए जा सकते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, Sirsa Ghaggar Drain Cleaning अब केवल एक स्थानीय समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह 120 से अधिक गांवों के अस्तित्व से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है और अगर प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले समय में सिरसा एक बड़े किसान आंदोलन का गवाह बन सकता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार और प्रशासन किसानों की इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक इस पुरानी लेकिन गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालते हैं।

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