Wellbeing Center: राजस्थान मेडिकल 1 कॉलेज में वेलबीइंग सेंटर से छात्रों को मिलेगा मानसिक संबल…||

Wellbeing Center Rajasthan

Hind18: Wellbeing Center Rajasthan Medical College की ऐतिहासिक पहल के तहत राजस्थान सरकार ने मेडिकल विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। अब राज्य के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में समर्पित वेलबीइंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे और साथ ही राज्य स्तर पर एक सशक्त वेलनेस सेल का गठन किया जाएगा। यह निर्णय मेडिकल छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद और कार्यभार से उत्पन्न चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

राजस्थान के चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल द्वारा गठित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की पहली बैठक में इस पहल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट पर गंभीरता से चर्चा करते हुए मेडिकल कॉलेजों के प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे में आवश्यक सुधारों पर बल दिया गया।

हर मेडिकल कॉलेज में होगा समर्पित Wellbeing Center

Wellbeing Center Rajasthan Medical College मॉडल के अंतर्गत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में एक ऐसा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी काउंसलिंग, स्ट्रेस मैनेजमेंट, इमोशनल सपोर्ट और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह सेंटर पूरी तरह से गोपनीयता आधारित होंगे ताकि छात्र बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।

इन केंद्रों में प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक, काउंसलर और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थियों को परीक्षा के दबाव, हॉस्टल लाइफ, इंटर्नशिप स्ट्रेस और करियर को लेकर उत्पन्न चिंता से उबरने में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राज्य स्तर पर बनेगी वेलनेस सेल

राज्य स्तर पर गठित होने वाली वेलनेस सेल Wellbeing Center Rajasthan Medical College पहल का निगरानी तंत्र होगी। यह सेल सभी मेडिकल कॉलेजों में चल रही मानसिक स्वास्थ्य गतिविधियों की समीक्षा करेगी, नीतियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाएगी।

वेलनेस सेल द्वारा डेटा-आधारित मॉनिटरिंग, नियमित रिपोर्टिंग और फीडबैक मैकेनिज्म विकसित किया जाएगा ताकि मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हों।

मेंटल वेलबीइंग डीन की होगी नियुक्ति

प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में एक डीन (मेंटल वेलबीइंग) की नियुक्ति की जाएगी। यह डीन विशेष रूप से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगे और Wellbeing Center Rajasthan Medical College की गतिविधियों का संचालन करेंगे।

इसके साथ ही, छात्रों और फैकल्टी के लिए नियमित ओरिएंटेशन प्रोग्राम अनिवार्य किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना, स्टिग्मा को कम करना और समय रहते समस्याओं की पहचान करना होगा।

छात्र समस्याओं के समाधान के लिए बनेगी स्टूडेंट ऐप

मेडिकल छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवांस रिडरेसल सिस्टम के अंतर्गत एक विशेष स्टूडेंट एप विकसित की जाएगी। इस एप के माध्यम से छात्र अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी शिकायतें सीधे दर्ज कर सकेंगे।

यह डिजिटल पहल Wellbeing Center Rajasthan Medical College कार्यक्रम को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।

सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत

छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी मेडिकल कॉलेजों और हॉस्टलों में सुरक्षात्मक उपायों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत:

  • हॉस्टल और कॉलेज की छतों की बैरिकेडिंग

  • संपूर्ण कैंपस में सीसीटीवी और निगरानी तंत्र

  • संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान

इन कदमों का उद्देश्य मानसिक संकट के समय होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकना है।

सहकर्मी सहायता समूह और करियर काउंसलिंग

Wellbeing Center Rajasthan Medical College पहल के तहत कॉलेजों में पीयर सपोर्ट ग्रुप्स विकसित किए जाएंगे। इसमें सीनियर-जूनियर संवाद, पूर्व छात्रों के अनुभव साझा करना और करियर गाइडेंस शामिल होगी।

इसके साथ-साथ प्रोफेशनल करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि छात्र भविष्य को लेकर स्पष्टता और आत्मविश्वास प्राप्त कर सकें।

योग, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों पर जोर

मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए केवल काउंसलिंग ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में संतुलन भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से:

  • अनिवार्य योग सत्र

  • खेलकूद गतिविधियां

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम

को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह गतिविधियां छात्रों को तनावमुक्त और सकारात्मक बनाए रखने में सहायक होंगी।

टेली-मानस हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार

संकट की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन का पूरे कैंपस में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। छात्रों को बताया जाएगा कि वे किसी भी समय मानसिक सहायता के लिए इस हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी वैश्विक जानकारी के लिए
https://www.who.int/teams/mental-health-and-substance-use

विश्व स्वास्थ्य संगठन – मानसिक स्वास्थ्य

https://www.nimh.nih.gov/health/topics/mental-health

जैसे विश्वसनीय स्रोतों को भी संदर्भ के रूप में शामिल किया जा सकता है।

बुनियादी सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार

मेडिकल छात्रों और ड्यूटी डॉक्टरों के लिए:

  • हॉस्टल में बेहतर वातावरण

  • 24 घंटे कैंटीन सुविधा

  • कार्यभार का तर्कसंगत वितरण

जैसे महत्वपूर्ण सुधार किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, ई-लाइब्रेरी के विस्तार और शैक्षणिक संसाधनों को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया गया है।

इस व्यापक योजना में एनजीओ और प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाओं को भी सहयोगी के रूप में जोड़ा जाएगा ताकि Wellbeing Center Rajasthan Medical College पहल को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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