Hind18: Thyroid Cancer in Women को लेकर हाल के वर्षों में चौंकाने वाले ट्रेंड सामने आ रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स और डॉक्टरों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉइड कैंसर होने का खतरा लगभग तीन गुना अधिक है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण इतने आम और हल्के होते हैं कि महिलाएं अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी समय रहते पकड़ में नहीं आ पाती।
अपोलो एथेना वूमेन कैंसर सेंटर की वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. ज्योति वाधवा के अनुसार, यदि थायरॉइड कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए तो इसका इलाज संभव है और मरीज सामान्य जीवन जी सकती है।
थायरॉइड क्या है और यह शरीर में कैसे काम करता है?
थायरॉइड एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है जो गर्दन के सामने की ओर स्थित होती है। यह ग्रंथि थायरॉइड हार्मोन बनाती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, वजन, हार्ट रेट, बॉडी टेम्परेचर और एनर्जी लेवल को कंट्रोल करता है।
जब थायरॉइड ग्रंथि की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और कैंसर का रूप ले लेती हैं, तो इसे थायरॉइड कैंसर कहा जाता है।
Thyroid Cancer in Women: महिलाओं में जोखिम ज्यादा क्यों?
डॉ. ज्योति वाधवा बताती हैं कि हॉर्मोनल कारण थायरॉइड कैंसर में सबसे बड़ा रोल निभाते हैं। खासतौर पर महिलाओं में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन थायरॉइड कोशिकाओं की ग्रोथ को प्रभावित करता है।
महिलाओं में खतरा बढ़ने के मुख्य कारण:
-
एस्ट्रोजन हार्मोन का प्रभाव
-
प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव
-
पहले से थायरॉइड डिसऑर्डर (हाइपो या हाइपरथायरॉइडिज्म)
-
फैमिली हिस्ट्री
-
रेडिएशन एक्सपोजर
यही कारण है कि Thyroid Cancer in Women के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
थायरॉइड कैंसर के शुरुआती लक्षण जिन्हें न करें नजरअंदाज
थायरॉइड कैंसर के शुरुआती लक्षण बेहद सामान्य लग सकते हैं, लेकिन इन्हें हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
Thyroid Cancer in Women के आम लक्षण:
🔹 गर्दन में गांठ या सूजन
-
गर्दन के सामने बिना दर्द की गांठ
-
गांठ का धीरे-धीरे आकार बढ़ना
🔹 आवाज में बदलाव
-
आवाज का भारी या बैठ जाना
-
लंबे समय तक आवाज का ठीक न होना
🔹 निगलने में परेशानी
-
खाना या पानी निगलते समय दिक्कत
-
गले में कुछ फंसा हुआ महसूस होना
🔹 गर्दन में दबाव या जकड़न
-
कॉलर पहनने में असहजता
-
गर्दन टाइट लगना
🔹 लगातार खांसी
-
बिना सर्दी-जुकाम के खांसी
-
लंबे समय तक खांसी का बने रहना
🔹 लिम्फ नोड्स का बढ़ना
-
गर्दन के आसपास लिम्फ नोड्स में सूजन
-
दर्द न होना लेकिन आकार बढ़ना
डॉक्टरों के अनुसार, यदि ये लक्षण दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बने रहें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
थायरॉइड कैंसर के प्रकार
Thyroid Cancer in Women में मुख्य रूप से ये प्रकार देखे जाते हैं:
-
पैपिलरी थायरॉइड कैंसर (सबसे आम)
-
फॉलिक्यूलर थायरॉइड कैंसर
-
मेडुलरी थायरॉइड कैंसर
-
एनाप्लास्टिक थायरॉइड कैंसर (दुर्लभ लेकिन गंभीर)
पैपिलरी और फॉलिक्यूलर कैंसर का समय पर इलाज होने पर रिकवरी की संभावना काफी अच्छी होती है।
थायरॉइड कैंसर की जांच कैसे होती है?
डॉ. ज्योति वाधवा के अनुसार, थायरॉइड कैंसर की पहचान के लिए कई टेस्ट किए जाते हैं:
-
थायरॉइड फंक्शन टेस्ट (TSH, T3, T4)
-
अल्ट्रासाउंड (USG) नेक
-
फाइन नीडल एस्पिरेशन बायोप्सी (FNAC)
-
CT या MRI स्कैन (जरूरत पड़ने पर)
समय पर जांच Thyroid Cancer in Women के इलाज को आसान बना देती है।
थायरॉइड कैंसर से बचाव के उपाय
हालांकि थायरॉइड कैंसर को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बचाव के लिए एक्सपर्ट की सलाह:
-
अनावश्यक रेडिएशन एक्सपोजर से बचें
-
आयोडीन युक्त संतुलित आहार लें
-
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
-
पहले से थायरॉइड की समस्या है तो नियमित जांच कराएं
-
फैमिली हिस्ट्री होने पर डॉक्टर से सलाह लें
-
हार्मोनल असंतुलन को नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों का कहना है कि जागरूकता और समय पर जांच से Thyroid Cancer in Women को कंट्रोल किया जा सकता है।
महिलाओं के लिए खास चेतावनी
महिलाएं अक्सर परिवार और काम की जिम्मेदारियों के कारण अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। गर्दन में हल्की गांठ, आवाज का बदलना या निगलने में दिक्कत जैसे लक्षणों को मामूली समझना भारी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 30 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को थायरॉइड से जुड़ी किसी भी परेशानी को गंभीरता से लेना चाहिए।
















Leave a Reply